शिव की ओर एक शांत यात्रा

विचार, अनुभव और आत्मचिंतन का एक पवित्र स्थान।

शिव विचार | Reflections on Shiva

ॐ अक्षाय रथयोगिने नमः — सृष्टि-रूपी चक्र की अचल धुरी पर ध्यानमग्न भगवान शिव, जिनके चारों ओर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड गतिमान है; शिव के अक्ष, साक्षी और अक्षय स्वरूप का प्रतीकात्मक चित्र।

ॐ अक्षाय रथयोगिने नमः : सृष्टि-रथ की अचल धुरीस्वरूप भगवान शिव का शास्त्रीय, दार्शनिक एवं आध्यात्मिक विवेचन

१. प्रस्तावना शिवसहस्रनाम की नाम-परम्परा में कतिपय नाम ऐसे हैं जो प्रत्यक्षतः सरल प्रतीत होते हुए भी अपने भीतर बहुस्तरीय…