Latest posts
-
तूफ़ानआप नहीं हैं — दर्द के पार एक नई शुरुआत

तूफ़ान चाहे कितना भी गहरा हो, याद रखिए—तूफ़ान आप नहीं हैं। कभी-कभी, कोई गलती उस पल से भी लंबे समय तक ठहर जाती है, जब वह हुई थी। एक ऐसा शब्द जो काश आपने कभी न कहा होता, एक ऐसा दरवाज़ा जो काश आपने कभी न बंद किया होता, एक ऐसा इंसान जिसे काश आपने…
-
ॐ अग्निज्वालाय नमः — शिव की दिव्य अग्निज्वाला

न यह ज्वाला केवल दाह है,न केवल संहार की विभीषिका।यह तो शिव की वह चेतना है,जो तम को जलाकर सत्य का प्रभात जगाती है। जहाँ दाह में द्वेष नहीं,जहाँ विनाश में विकार नहीं,वहीं प्रकट होता हैमहादेव का दिव्य अग्नि-स्वरूप। अनन्त ज्योति-स्तम्भ बनकरजो आदि-अन्त से परे खड़ा है,जिसकी सीमा न ब्रह्मा जान सके,न विष्णु ही पा…