शिव विचार | Reflections on Shiva

ॐ अक्षाय रथयोगिने नमः — सृष्टि-रूपी चक्र की अचल धुरी पर ध्यानमग्न भगवान शिव, जिनके चारों ओर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड गतिमान है; शिव के अक्ष, साक्षी और अक्षय स्वरूप का प्रतीकात्मक चित्र।

ॐ अक्षाय रथयोगिने नमः : सृष्टि-रथ की अचल धुरीस्वरूप भगवान शिव का शास्त्रीय, दार्शनिक एवं आध्यात्मिक विवेचन

shivvyom Aug 24, 2026 16 min read

१. प्रस्तावना शिवसहस्रनाम की नाम-परम्परा में कतिपय नाम ऐसे हैं जो प्रत्यक्षतः सरल…

ध्यान में बैठे साधक के सामने धुंध और पर्वतों से घिरा विशाल प्रकाशमान शिवलिंग, जो शिव की असीम आत्म-महत्ता और अनन्त चेतना का प्रतीक है।

ॐ महात्मने नमः — शिव की असीम आत्म-महत्ता

shivvyom Aug 18, 2026 13 min read

१. प्रस्तावना शिव-सहस्रनाम में प्रयुक्त प्रत्येक नाम शिव-तत्त्व के किसी एक विशिष्ट आयाम…

ॐ पराय देवाय नमः — ब्रह्मांडीय प्रकाश से प्रकाशित शिवलिंग

ॐ पराय देवाय नमः: शिव के परम तत्त्व का रहस्य

shivvyom Aug 14, 2026 14 min read

“पराय देवाय नमः” — शिवसहस्रनाम का एक ऐसा नाम जो शिव को केवल…

भगवान शिव के महारूप का डिजिटल चित्र, जिसमें उनका अनन्त विराट् स्वरूप, ज्योतिर्लिङ्ग, आकाशगंगाएँ, ग्रह, ब्रह्माण्ड और ध्यानमग्न साधक दिव्य चेतना का प्रतीक रूप में दर्शाए गए हैं।

ॐ महारूपाय नमः – शिव का अनन्त विराट् स्वरूप | शिव-सहस्रनाम-भाष्य

shivvyom Jul 22, 2026 10 min read

१. प्रस्तावना शिव-सहस्रनाम के विशाल नाम-वैभव में कुछ नाम सीधे किसी गुण, कर्म…

दिव्य अग्नि-वलय के मध्य विराजमान भगवान शिव, ब्रह्माण्डीय ज्योति, आत्मशुद्धि, ज्ञान, रूपान्तरण और नवजीवन का प्रतीक।

ॐ अग्निज्वालाय नमः — शिव की दिव्य अग्निज्वाला

shivvyom Jul 20, 2026 1 min read

न यह ज्वाला केवल दाह है,न केवल संहार की विभीषिका।यह तो शिव की…