शिव विचार | Reflections on Shiva

“समुद्र के किनारे खुले वीरान मैदान में एक व्यक्ति खड़ा है, जिसके पीछे घने तूफ़ानी बादल हैं और दूर से बादलों के बीच से सूरज की किरणें निकल रही हैं।”

तूफ़ानआप नहीं हैं — दर्द के पार एक नई शुरुआत

shivvyom Aug 27, 2026 5 min read

तूफ़ान चाहे कितना भी गहरा हो, याद रखिए—तूफ़ान आप नहीं हैं। कभी-कभी, कोई…

ॐ कामिने नमः — इच्छाशक्ति के अधिष्ठाता और कामनाओं के स्वामी शिव का ध्यानमग्न स्वरूप

ॐ कामिने नमः: इच्छाशक्ति के अधिष्ठाता और कामनाओं के स्वामी शिव

shivvyom Aug 27, 2026 14 min read

“क्या शिव सच में कामनाओं के स्वामी हैं? जानिए ‘ॐ कामिने नमः’ का…

ॐ अक्षाय रथयोगिने नमः — सृष्टि-रूपी चक्र की अचल धुरी पर ध्यानमग्न भगवान शिव, जिनके चारों ओर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड गतिमान है; शिव के अक्ष, साक्षी और अक्षय स्वरूप का प्रतीकात्मक चित्र।

ॐ अक्षाय रथयोगिने नमः : सृष्टि-रथ की अचल धुरीस्वरूप भगवान शिव का शास्त्रीय, दार्शनिक एवं आध्यात्मिक विवेचन

shivvyom Aug 24, 2026 16 min read

१. प्रस्तावना शिवसहस्रनाम की नाम-परम्परा में कतिपय नाम ऐसे हैं जो प्रत्यक्षतः सरल…

ध्यान में बैठे साधक के सामने धुंध और पर्वतों से घिरा विशाल प्रकाशमान शिवलिंग, जो शिव की असीम आत्म-महत्ता और अनन्त चेतना का प्रतीक है।

ॐ महात्मने नमः — शिव की असीम आत्म-महत्ता

shivvyom Aug 18, 2026 13 min read

१. प्रस्तावना शिव-सहस्रनाम में प्रयुक्त प्रत्येक नाम शिव-तत्त्व के किसी एक विशिष्ट आयाम…

ॐ पराय देवाय नमः — ब्रह्मांडीय प्रकाश से प्रकाशित शिवलिंग

ॐ पराय देवाय नमः: शिव के परम तत्त्व का रहस्य

shivvyom Aug 14, 2026 14 min read

“पराय देवाय नमः” — शिवसहस्रनाम का एक ऐसा नाम जो शिव को केवल…